इबरानियों 4:7 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 तो फिर एक ख़ास दिन ठहर कर इतनी मुद्दत के बाद दा'ऊद की किताब में उसे आज का दिन कहता है। जैसा पहले कहा गया, “और आज तुम उसकी आवाज़ सुनो, तो अपने दिलों को सख़्त न करो।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा7 तो फिर यही वजह है के ख़ुदा फिर एक ख़ास दिन मुक़र्रर करता है, जिसे वह “आज का दिन” कहता है और कई मुद्दत के बाद वह हज़रत दाऊद की किताब ज़बूर में उसे “आज का दिन” कहता है जैसा पहले ज़िक्र हो चुका है के, “अगर, आज तुम उस की आवाज़ सुनो, तो अपने दिलों को सख़्त न करो।” Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस7 यह मद्दे-नज़र रखकर अल्लाह ने एक और दिन मुक़र्रर किया, मज़कूरा “आज” का दिन। कई सालों के बाद ही उसने दाऊद की मारिफ़त वह बात की जिस पर हम ग़ौर कर रहे हैं, “अगर तुम आज अल्लाह की आवाज़ सुनो तो अपने दिलों को सख़्त न करो।” Viz kapitola |