इबरानियों 4:3 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 और हम जो ईमान लाए, उस आराम में दाख़िल होते है; जिस तरह उसने कहा, “मैंने अपने ग़ुस्से में क़सम खाई कि ये मेरे आराम में दाख़िल न होने पाएँगे।” अगरचे दुनिया बनाने के वक़्त उसके काम हो चुके थे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा3 और अब हम जो ईमान ला चुके हैं, ख़ुदा के इस आरामगाह में दाख़िल होते हैं, जैसा के ख़ुदा ने फ़रमाया है, “इसलिये मैंने अपने क़हर में क़सम खाई के, ‘ये लोग मेरे इस आरामगाह में हरगिज़ दाख़िल न होंगे।’ ” हालांके काइनात के ख़ल्क़ के वक़्त से ही ख़ुदा के काम पूरे हो चुके थे। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस3 उनकी निसबत हम जो ईमान लाए हैं सुकून के इस मुल्क में दाख़िल हो सकते हैं। ग़रज़, यह ऐसा ही है जिस तरह अल्लाह ने फ़रमाया, “अपने ग़ज़ब में मैंने क़सम खाई, ‘यह कभी उस मुल्क में दाख़िल नहीं होंगे जहाँ मैं उन्हें सुकून देता’।” अब ग़ौर करें कि उसने यह कहा अगरचे उसका काम दुनिया की तख़लीक़ पर इख़्तिताम तक पहुँच गया था। Viz kapitola |