इबरानियों 11:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 यह ईमान का काम था कि हाबिल ने ख़ुदा को एक ऐसी क़ुर्बानी पेश की जो क़ाइन की क़ुर्बानी से बेहतर थी। इस ईमान की बिना पर ख़ुदा ने उसे रास्तबाज़ ठहरा कर उस की अच्छी गवाही दी, जब उस ने उस की क़ुर्बानियों को क़बूल किया। और ईमान के ज़रिए वह अब तक बोलता रहता है हालाँकि वह मुर्दा है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा4 ईमान ही से हज़रत हाबिल ने क़ाइन से अफ़ज़ल क़ुर्बानी पेश की जिस की बिना पर इस की नज़्र क़बूल कर के ख़ुदा ने इस के रास्तबाज़ होने की गवाही दी और अगरचे हज़रत हाबिल की मौत हो चुकी है तो भी वो ईमान ही के वसीले से अब तक कलाम करते हैं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस4 यह ईमान का काम था कि हाबील ने अल्लाह को एक ऐसी क़ुरबानी पेश की जो क़ाबील की क़ुरबानी से बेहतर थी। इस ईमान की बिना पर अल्लाह ने उसे रास्तबाज़ ठहराकर उस की अच्छी गवाही दी, जब उसने उस की क़ुरबानियों को क़बूल किया। और ईमान के ज़रीए वह अब तक बोलता रहता है हालाँकि वह मुरदा है। Viz kapitola |