इबरानियों 10:28 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201928 जो मूसा की शरी'अत रद्द करता है उस पर रहम नहीं किया जा सकता बल्कि अगर दो या इस से ज़्यादा लोग इस जुर्म की गवाही दें तो उसे सज़ा — ए — मौत दी जाए। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा28 जब हज़रत मूसा की शरीअत की ख़िलाफ़वर्ज़ी करने वाला दो या तीन चश्मदीद गवाहों की गवाही से बेरहमी के साथ क़त्ल कर दिया जाता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस28 जो मूसा की शरीअत रद्द करता है उस पर रहम नहीं किया जा सकता बल्कि अगर दो या इससे ज़ायद लोग इस जुर्म की गवाही दें तो उसे सज़ाए-मौत दी जाए। Viz kapitola |