हज्जी 2:5 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 मिस्र से निकलते वक़्त मैंने तुम से जो 'अहद किया था, उसके मुताबिक़ मेरी वह रूह तुम्हारे साथ रहती है; हिम्मत न हारो। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस5 जो अहद मैंने मिसर से निकलते वक़्त तुमसे बाँधा था वह क़ायम रहेगा। मेरा रूह तुम्हारे दरमियान ही रहेगा। डरो मत! Viz kapitola |