हबक़्क़ूक़ 3:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 उसकी जगमगाहट नूर की तरह थी, उसके हाथ से किरनें निकलती थीं, और इसमें उसकी क़ुदरत छिपी हुई थी, Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस4 तब उस की शान सूरज की तरह चमकती, उसके हाथ से तेज़ किरणें निकलती हैं जिनमें उस की क़ुदरत पिनहाँ होती है। Viz kapitola |