हबक़्क़ूक़ 3:10 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 पहाड़ तुझे देखकर काँप गए: सैलाब गुज़र गए; समन्दर से शोर उठा, और मौजें बुलन्द हुई। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस10 तुझे देखकर पहाड़ काँप उठते, मूसलाधार बारिश बरसने लगती और पानी की गहराइयाँ गरजती हुई अपने हाथ आसमान की तरफ़ उठाती हैं। Viz kapitola |