गलतियों 5:5 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 क्यूँकि हम पाक रूह के ज़रिए, ईमान से रास्तबाज़ी की उम्मीद बर आने के मुन्तज़िर हैं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा5 मगर हम पाक रूह के वसीले से ईमान से रास्तबाज़ ठहराये जायेंगे और इस का हम उम्मीद से इन्तिज़ार कर रहे हैं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस5 लेकिन हमें एक फ़रक़ उम्मीद दिलाई गई है। उम्मीद यह है कि ख़ुदा ही हमें रास्तबाज़ क़रार देता है। चुनाँचे हम रूहुल-क़ुद्स के बाइस ईमान रखकर इसी रास्तबाज़ी के लिए तड़पते रहते हैं। Viz kapitola |