गलतियों 4:2 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 बल्कि जो मि'आद बाप ने मुक़र्रर की उस वक़्त तक सरपरस्तों और मुख़्तारों के इख़्तियार में रहता है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा2 और वह बाप की मुक़र्रर की हुई मीआद के पूरा होने तक सरपरस्तों और मुख़्तारों के इख़्तियार में रहता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 बाप की तरफ़ से मुक़र्रर की हुई उम्र तक दूसरे उस की देख-भाल करते और उस की मिलकियत सँभालते हैं। Viz kapitola |