गलतियों 3:25 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201925 मगर जब ईमान आ चुका, तो हम उस्ताद के मातहत ना रहे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा25 मगर अब ईमान का दौर आ गया है, और हमें उस्ताद के तहत रहने की ज़रूरत नहीं रही। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस25 अब चूँकि ईमान की राह आ गई है इसलिए हम शरीअत की तरबियत के तहत नहीं रहे। Viz kapitola |