गलतियों 3:19 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201919 पस शरी'अत क्या रही? वो नाफ़रमानी की वजह से बाद में दी गई कि उस नस्ल के आने तक रहे, जिससे वा'दा किया गया था; और वो फ़रिश्तों के वसीले से एक दरमियानी की मा'रिफ़त मुक़र्रर की गई। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा19 फिर शरीअत क्यूं दी गई? वह इन्सान की नाफ़रमानियों की वजह से बाद में दी गई ताके उस नस्ल के आने तक क़ाइम रहे जिस से वादा किया गया था। और वह फ़रिश्तों के वसीले से एक दरमियानी शख़्स की मारिफ़त मुक़र्रर की गई। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस19 तो फिर शरीअत का क्या मक़सद था? उसे इसलिए वादे के अलावा दिया गया ताकि लोगों के गुनाहों को ज़ाहिर करे। और उसे उस वक़्त तक क़ायम रहना था जब तक इब्राहीम की वह औलाद न आ जाती जिससे वादा किया गया था। अल्लाह ने अपनी शरीअत फ़रिश्तों के वसीले से मूसा को दे दी जो अल्लाह और लोगों के बीच में दरमियानी रहा। Viz kapitola |