गलतियों 2:6 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 और जो लोग कुछ समझे जाते थे, चाहे वो कैसे ही थे मुझे इससे कुछ भी वास्ता नहीं; ख़ुदा किसी आदमी का तरफ़दार नहीं उनसे जो कुछ समझे जाते थे मुझे कुछ हासिल ना हुआ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा6 जमाअत के उन अराकीन से जो अहम समझे जाते थे, मुझे कोई भी नई बात हासिल न हुई (वह कैसे भी थे, मुझे इस से कोई वास्ता नहीं क्यूंके ख़ुदा की नज़र में सब बराबर हैं)। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस6 और जो राहनुमा समझे जाते थे उन्होंने मेरी बात में कोई इज़ाफ़ा न किया। (असल में मुझे कोई परवा नहीं कि उनका असरो-रसूख़ था कि नहीं। अल्लाह तो इनसान की ज़ाहिरी हालत का लिहाज़ नहीं करता।) Viz kapitola |