गलतियों 2:19 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201919 चुनाँचे मैं शरी'अत ही के वसीले से शरी'अत के ए'तिबार से मारा गया, ताकि ख़ुदा के ए'तिबार से ज़िंदा हो जाऊँ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा19-20 “शरीअत के एतबार से तो मैं सलीब पर मर चुका हूं, ताके मैं ख़ुदा के एतबार से ज़िन्दा हो जाऊं। मैं अलमसीह के साथ जिस्मानी तौर से मस्लूब हो चुका हूं और मैं ज़िन्दा नहीं हूं, बल्के अलमसीह मुझ में ज़िन्दा है। और जो ज़िन्दगी अब मैं गुज़ार रहा हूं वह ख़ुदा के बेटे पर ईमान लाने की वजह से गुज़ार रहा हूं, जिस ने मुझ से महब्बत की और मेरे लिये अपनी जान क़ुर्बान कर दी। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस19 क्योंकि जहाँ तक शरीअत का ताल्लुक़ है मैं मुरदा हूँ। मुझे शरीअत ही से मारा गया है ताकि अल्लाह के लिए जी सकूँ। मुझे मसीह के साथ मसलूब किया गया Viz kapitola |