ख़ुरूज 34:15 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 कहीं ऐसा न हो कि तू उस मुल्क के बाशिन्दों से कोई 'अहद बाँध ले और जब वह अपने मा'बूदों की पैरवी में ज़िनाकार ठहरें और अपने मा'बूदों के लिए क़ुर्बानी करें, और कोई तुझ को दा'वत दे और तू उसकी क़ुर्बानी में से कुछ खा ले; Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस15 ख़बरदार, उस मुल्क के बाशिंदों से अहद न करना, क्योंकि तेरे दरमियान रहते हुए भी वह अपने माबूदों की पैरवी करके ज़िना करेंगे और उन्हें क़ुरबानियाँ चढ़ाएँगे। आख़िरकार वह तुझे भी अपनी क़ुरबानियों में शिरकत की दावत देंगे। Viz kapitola |