आस्तर 8:5 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 और कहने लगी, “अगर बादशाह को मन्ज़ूर हो और मैं उसकी नज़र में मक़बूल हूँ, और यह बात बादशाह को मुनासिब मा'लूम हो और मैं उसकी निगाह में प्यारी हूँ, तो उन फ़रमानों को रद करने को लिखा जाए जिनकी अजाजी हम्मदाता के बेटे हामान ने, उन सब यहूदियों को हलाक करने के लिए जो बादशाह के सब सूबों में बसते हैं, पसन्द किया था। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस5 उसने कहा, “अगर बादशाह को बात अच्छी और मुनासिब लगे, अगर मुझे उनकी मेहरबानी हासिल हो और वह मुझसे ख़ुश हों तो वह हामान बिन हम्मदाता अजाजी के उस फ़रमान को मनसूख़ करें जिसके मुताबिक़ सलतनत के तमाम सूबों में रहनेवाले यहूदियों को हलाक करना है। Viz kapitola |