आस्तर 1:8 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 और मय नौशी इस क़ाइदे से थी कि कोई मजबूर नहीं कर सकता था; क्यूँकि बादशाह ने अपने महल के सब 'उहदे दारों को नसीहत फ़रमाई थी, कि वह हर शख़्स की मर्ज़ी के मुताबिक़ करें। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस8 हर कोई जितनी जी चाहे पी सकता था, क्योंकि बादशाह ने हुक्म दिया था कि साक़ी मेहमानों की हर ख़ाहिश पूरी करें। Viz kapitola |