वाइज़ 5:3 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 क्यूँकि काम की कसरत की वजह से ख़्वाब देखा जाता है और बेवक़ूफ़ की आवाज़ बातों की कसरत होती है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस3 क्योंकि जिस तरह हद से ज़्यादा मेहनत-मशक़्क़त से ख़ाब आने लगते हैं उसी तरह बहुत बातें करने से आदमी की हमाक़त ज़ाहिर होती है। Viz kapitola |