वाइज़ 4:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 फिर मैंने सारी मेहनत के काम और हर एक अच्छी दस्तकारी को देखा कि इसकी वजह से आदमी अपने पड़ोसी से हसद करता है। ये भी बेकार और हवा की चरान है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस4 मैंने यह भी देखा कि सब लोग इसलिए मेहनत-मशक़्क़त और महारत से काम करते हैं कि एक दूसरे से हसद करते हैं। यह भी बातिल और हवा को पकड़ने के बराबर है। Viz kapitola |