वाइज़ 4:2 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 तब मैंने मुर्दों को जो आगे मर चुके, उन ज़िन्दों से जो अब जीते हैं ज़्यादा मुबारक जाना; Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 यह देखकर मैंने मुरदों को मुबारक कहा, हालाँकि वह अरसे से वफ़ात पा चुके थे। मैंने कहा, “वह हाल के ज़िंदा लोगों से कहीं मुबारक हैं। Viz kapitola |