वाइज़ 2:14 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201914 'अक़्लमन्द अपनी आँखें अपने सिर में रखता है, लेकिन बेवक़ूफ़ अंधेरे में चलता है; तोभी मैं जान गया कि एक ही हादसा उन सब पर गुज़रता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस14 दानिशमंद के सर में आँखें हैं जबकि अहमक़ अंधेरे ही में चलता है। लेकिन मैंने यह भी जान लिया कि दोनों का एक ही अंजाम है। Viz kapitola |