वाइज़ 10:5 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 एक ज़ुबूनी है जो मैंने दुनिया में देखी, जैसे वह एक ख़ता है जो हाकिम से सरज़द होती है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस5 मुझे सूरज तले एक ऐसी बुरी बात नज़र आई जो अकसर हुक्मरानों से सरज़द होती है। Viz kapitola |