वाइज़ 1:5 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 सूरज निकलता है और सूरज ढलता भी है, और अपने तुलू' की जगह को जल्द चला जाता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस5 सूरज तुलू और ग़ुरूब हो जाता है, फिर सुरअत से उसी जगह वापस चला जाता है जहाँ से दुबारा तुलू होता है। Viz kapitola |