इस्तिसना 28:66 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201966 और तेरी जान शक में अटकी रहेगी और तू रात — दिन डरता रहेगा, और तुम्हारी ज़िन्दगी का कोई ठिकाना न होगा। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस66 तेरी जान हर वक़्त ख़तरे में होगी और तू दिन-रात दहशत खाते हुए मरने की तवक़्क़ो करेगा। Viz kapitola |