इस्तिसना 23:2 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 कोई हरामज़ादा ख़ुदावन्द की जमा'अत में दाख़िल न हो, दसवीं नसल तक उसकी नसल में से कोई ख़ुदावन्द की जमा'अत में आने न पाए। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 इसी तरह वह भी मुक़द्दस इजतिमा से दूर रहे जो नाजायज़ ताल्लुक़ात के नतीजे में पैदा हुआ है। उस की औलाद भी दसवीं पुश्त तक उसमें नहीं आ सकती। Viz kapitola |