इस्तिसना 23:18 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 तू किसी फ़ाहिशा की ख़र्ची या कुत्ते की मज़दूरी, किसी मिन्नत के लिए ख़ुदावन्द अपने ख़ुदा के घर में न लाना; क्यूँकि ये दोनों ख़ुदावन्द तेरे ख़ुदा के नज़दीक मकरूह हैं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस18 मन्नत मानते वक़्त न कसबी का अज्र, न कुत्ते के पैसे रब के मक़दिस में लाना, क्योंकि रब तेरे ख़ुदा को दोनों चीज़ों से घिन है। Viz kapitola |