दानियाल 7:7 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 फिर मैने रात को ख़्वाब में देखा, और क्या देखता हूँ कि चौथा हैवान हौलनाक और हैबतनाक और निहायत ज़बरदस्त है, और उसके दाँत लोहे के बड़े — बड़े थे; वह निगल जाता और टुकड़े टुकड़े करता था, और जो कुछ बाक़ी बचता उसको पाँव से लताड़ता था, और यह उन सब पहले हैवानों से मुख़्तलिफ़ था और उसके दस सींग थे। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस7 इसके बाद रात की रोया में एक चौथा जानवर नज़र आया जो डरावना, हौलनाक और निहायत ही ताक़तवर था। अपने लोहे के बड़े बड़े दाँतों से वह सब कुछ खाता और चूर चूर करता था। जो कुछ बच जाता उसे वह पाँवों तले रौंद देता था। यह जानवर दीगर जानवरों से मुख़्तलिफ़ था। उसके दस सींग थे। Viz kapitola |