दानियाल 4:12 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 उसके पत्ते खु़शनुमा थे और मेवा फ़िरावान था, और उसमें सबके लिए ख़ुराक थी; मैदान के जानवर उसके साये में और हवा के परिन्दे उसकी शाखों पर बसेरा करते थे, और तमाम बशर ने उस से परवरिश पाई। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस12 उसके पत्ते ख़ूबसूरत थे, और वह बहुत फल लाता था। उसके साय में जंगली जानवर पनाह लेते, उस की शाख़ों में परिंदे बसेरा करते थे। हर इनसानो-हैवान को उससे ख़ुराक मिलती थी। Viz kapitola |