दानियाल 3:3 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 तब नाज़िम, और हाकिम, और सरदार, और क़ाज़ी, और ख़ज़ाँची, और सलाहकार, और मुफ़्ती और सूबों के तमाम 'उहदेदार, उस मूरत की 'इज़्ज़त के लिए जिसे नबूकदनज़र बादशाह ने खड़ा किया था जमा' हुए; और वह उस मूरत के सामने जिसको नबूकदनज़र ने खड़ा किया था, खड़े हुए। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस3 चुनाँचे सब बुत की मख़सूसियत के लिए जमा हो गए। जब सब उसके सामने खड़े थे Viz kapitola |