2 समुएल 23:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 वह सुबह की रोशनी की तरह होगा जब सूरज निकलता है, ऐसी सुबह जिसमें बादल न हो, जब नरम नरम घास ज़मीन में से, बारिश के बाद की साफ़ चमक के ज़रिए' निकलती है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस4 वह सुबह की रौशनी की मानिंद है, उस तुलूए-आफ़ताब की मानिंद जब बादल छाए नहीं होते। जब उस की किरणें बारिश के बाद ज़मीन पर पड़ती हैं तो पौदे फूट निकलते हैं।’ Viz kapitola |