2 समुएल 12:3 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 लेकिन उस ग़रीब के पास भेड़ की एक पठिया के 'अलावा कुछ न था, जिसे उसने ख़रीद कर पाला था और वह उसके और उसके बाल बच्चों के साथ बढ़ी थी, वह उसी के नेवाले में से खाती और उसके पियाला से पीती और उसकी गोद में सोती थी, और उसके लिए बतौर बेटी के थी। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस3 लेकिन ग़रीब के पास कुछ नहीं था, सिर्फ़ भेड़ की नन्ही-सी बच्ची जो उसने ख़रीद रखी थी। ग़रीब उस की परवरिश करता रहा, और वह घर में उसके बच्चों के साथ साथ बड़ी होती गई। वह उस की प्लेट से खाती, उसके प्याले से पीती और रात को उसके बाज़ुओं में सो जाती। ग़रज़ भेड़ ग़रीब के लिए बेटी की-सी हैसियत रखती थी। Viz kapitola |