2 कुरि 9:1 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 जो ख़िदमत मुक़द्दसों के वास्ते की जाती है, उसके ज़रिए मुझे तुम को लिखना फ़ज़ूल है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा1 उस ख़िदमत के बारे में जिसे हम यहूदाह के मसीही मुक़द्दसीन की ख़ातिर अन्जाम दे रहे हैं, मुझे ज़्यादा लिखने की ज़रूरत नहीं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस1 असल में इसकी ज़रूरत नहीं कि मैं आपको उस काम के बारे में लिखूँ जो हमें यहूदिया के मुक़द्दसीन की ख़िदमत में करना है। Viz kapitola |