2 कुरि 3:18 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 मगर जब हम सब के बे'नक़ाब चेहरों से ख़ुदावन्द का जलाल इस तरह ज़ाहिर होता है; जिस तरह आइने में, तो उस ख़ुदावन्द के वसीले से जो रूह है हम उसी जलाली सूरत में दर्जा ब दर्जा बदलते जाते हैं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा18 लेकिन हम सब, जिन के बेनक़ाब चेहरों से ख़ुदावन्द का जलाल इस तरह ज़ाहिर होता है, जिस तरह आईन में, तो हम ख़ुदावन्द के पाक रूह के वसीले से उस की जलाली सूरत में दर्जा-ब-दर्जा बदलते जाते हैं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस18 चुनाँचे हम सब जिनके चेहरों से निक़ाब हटाया गया है ख़ुदावंद का जलाल मुनअकिस करते और क़दम बक़दम जलाल पाते हुए मसीह की सूरत में बदलते जाते हैं। यह ख़ुदावंद ही का काम है जो रूह है। Viz kapitola |