2 कुरि 2:5 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 और अगर कोई शख़्स ग़म का बा'इस हुआ है तो वो मेरे ही ग़म का नहीं बल्कि, (ताकि उस पर ज़्यादा सख़्ती न करूँ) किस क़दर तुम सब के ग़म का ज़रिया हुआ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा5 अगर किसी ने दुख पहुंचाया तो सिर्फ़ मुझे ही नहीं बल्के किसी हद तक तुम सब को पहुंचाया है। इसलिये कहता हूं के मैं उन के साथ बहुत सख़्ती से पेश न आऊं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस5 अगर किसी ने दुख पहुँचाया है तो मुझे नहीं बल्कि किसी हद तक आप सबको (मैं ज़्यादा सख़्ती से बात नहीं करना चाहता)। Viz kapitola |