2 कुरि 13:10 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 इसलिए मैं ग़ैर हाज़िरी में ये बातें लिखता हूँ ताकि हाज़िर होकर मुझे उस इख़्तियार के मुवाफ़िक़ सख़्ती न करना पड़े जो ख़ुदावन्द ने मुझे बनाने के लिए दिया है न कि बिगाड़ने के लिए। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा10 इसलिये मैं तुम्हारी ग़ैर मौजूदगी में यह बातें ख़त में लिख रहा हूं ताके जब वहां तुम्हारे पास पहुचूं तो मुझे तुम्हारे साथ सख़्ती से पेश न आना पड़े और मैं ख़ुदावन्द के दिये हुए इख़्तियार को तुम्हारे बिगाड़ने के लिये नहीं, बल्के बनाने के लिये काम में लाऊं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस10 यही वजह है कि मैं आपसे दूर रहकर लिखता हूँ। फिर जब मैं आऊँगा तो मुझे अपना इख़्तियार इस्तेमाल करके आप पर सख़्ती नहीं करनी पड़ेगी। क्योंकि ख़ुदावंद ने मुझे यह इख़्तियार आपको ढा देने के लिए नहीं बल्कि आपको तामीर करने के लिए दिया है। Viz kapitola |