2 कुरि 12:7 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 और मुक़ाशिफ़ा की ज़ियादती के ज़रिए मेरे फूल जाने के अन्देशे से मेरे जिस्म में कांटा चुभोया गया या'नी शैतान का क़ासिद ताकि मेरे मुक्के मारे और मैं फ़ूल न जाऊँ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा7 मुम्किन था के उन बेशुमार मुकाशफ़ों की वजह से जो मुझे ज़ाहिर किये गये। लिहाज़ा, मैं ग़ुरूर से भर जाता, इसलिये मेरे जिस्म में एक कांटा चुभो दिया गया, जो गोया शैतान का क़ासिद था, जो मुझे मुक्के मारता रहे ताके में फूल न जाऊं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस7 लेकिन मुझे इन आला इनकिशाफ़ात की वजह से एक काँटा चुभो दिया गया, एक तकलीफ़देह चीज़ जो मेरे जिस्म में धँसी रहती है ताकि मैं फूल न जाऊँ। इबलीस का यह पैग़ंबर मेरे मुक्के मारता रहता है ताकि मैं मग़रूर न हो जाऊँ। Viz kapitola |