2 कुरि 12:1 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 मुझे फ़ख़्र करना ज़रूरी हुआ अगरचे मुफ़ीद नहीं पस जो रोया और मुक़ाशिफ़ा ख़ुदावन्द की तरफ़ से इनायत हुआ उनका मैं ज़िक्र करता हूँ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा1 में फ़ख़्र करने पर मजबूर हूं। हालांके इस से कोई फ़ायदा नहीं, मैं उन रोयाओं और मुकाशफ़ों का ज़िक्र करूंगा जो ख़ुदावन्द ने मुझ पर ज़ाहिर किये। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस1 लाज़िम है कि मैं कुछ और फ़ख़र करूँ। अगरचे इसका कोई फ़ायदा नहीं, लेकिन अब मैं उन रोयाओं और इनकिशाफ़ात का ज़िक्र करूँगा जो ख़ुदावंद ने मुझ पर ज़ाहिर किए। Viz kapitola |