2 कुरि 11:3 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 लेकिन मैं डरता हूँ कहीं ऐसा न हो कि जिस तरह साँप ने अपनी मक्कारी से हव्वा को बहकाया उसी तरह तुम्हारे ख़यालात भी उस ख़ुलूस और पाकदामनी से हट जाएँ जो मसीह के साथ होनी चाहिए। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा3 लेकिन मुझे ख़द्शा है के कहीं तुम्हारे ख़यालात भी हव्वा की तरह, जिसे शैतान सांप ने मक्कारी से बहका दिया था, उस ख़ुलूस और अक़ीदत से जो अलमसीह के लाइक़ है, दूर न हो जायें। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस3 लेकिन अफ़सोस, मुझे डर है कि आप हव्वा की तरह गुनाह में गिर जाएंगे, कि जिस तरह साँप ने अपनी चालाकी से हव्वा को धोका दिया उसी तरह आपकी सोच भी बिगड़ जाएगी और वह ख़ुलूसदिली और पाक लग्न ख़त्म हो जाएगी जो आप मसीह के लिए महसूस करते हैं। Viz kapitola |