2 कुरि 11:28 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201928 और बातों के अलावा जिनका मैं ज़िक्र नहीं करता सब कलीसियाओं की फ़िक्र मुझे हर रोज़ आती है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा28 कई और बातों के इलावा, तमाम जमाअतों की फ़िक्र का बोझ मुझे सताता रहा है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस28 और यह उन फ़िकरों के अलावा है जो मैं ख़ुदा की तमाम जमातों के लिए महसूस करता हूँ और जो मुझे दबाती रहती हैं। Viz kapitola |