2 तवारीख़ 15:5 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 और उन दिनों में उसे जो बाहर जाता था और उसे जो अन्दर आता था बिलकुल चैन न था, बल्कि मुल्कों के सब बाशिंदों पर बड़ी तकलीफ़ें थीं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस5 उस ज़माने में सफ़र करना ख़तरनाक होता था, क्योंकि अमनो-अमान कहीं नहीं था। Viz kapitola |