1 समुएल 25:33 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201933 और तेरी 'अक़ल्मंदी मुबारक तू ख़ुद भी मुबारक हो जिसने मुझको आज के दिन ख़ूँरेज़ीऔर अपने हाथों अपना बदला लेने से बाज़ रख्खा। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस33 आपकी बसीरत मुबारक है! आप मुबारक हैं, क्योंकि आपने मुझे इस दिन अपने हाथों से बदला लेकर क़ातिल बनने से रोक दिया है। Viz kapitola |