1 समुएल 14:30 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201930 कितना ज़्यादा अच्छा होता अगर सब लोग दुश्मन की लूट में से जो उनको मिली दिल खोल कर खाते क्यूँकि अभी तो फ़िलिस्तियों में कोई बड़ी ख़ूरेज़ी भी नहीं हुई है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस30 बेहतर होता कि हमारे लोग दुश्मन से लूटे हुए माल में से कुछ न कुछ खा लेते। लेकिन इस हालत में हम फ़िलिस्तियों को किस तरह ज़्यादा नुक़सान पहुँचा सकते हैं?” Viz kapitola |