1 समुएल 1:8 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 इसलिए उसके ख़ाविंद इल्क़ाना ने उससे कहा, “ऐ हन्ना तू क्यूँ रोती है और क्यूँ नहीं खाती और तेरा दिल क्यूँ ग़मगीन है? क्या मैं तेरे लिए दस बेटों से बढ़ कर नहीं?” Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस8 फिर इलक़ाना पूछता, “हन्ना, तू क्यों रो रही है? तू खाना क्यों नहीं खा रही? उदास होने की क्या ज़रूरत? मैं तो हूँ। क्या यह दस बेटों से कहीं बेहतर नहीं?” Viz kapitola |