1 पतरस 3:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 बल्कि तुम्हारी बातिनी और पोशीदा इंसान ियत, हलीम और नर्म मिज़ाज की ग़ुरबत की ग़ैरफ़ानी आराइश से आरास्ता रहे, क्यूँकि ख़ुदा के नज़दीक इसकी बड़ी क़द्र है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा4 लेकिन तुम्हारी बातिनी और पोशीदा शख़्सियत हलीम और नरम मिज़ाज दिमाग़ की ग़ुरबत की ग़ैरफ़ानी जे़वरात से आरास्ता हो, क्यूंके ख़ुदा की नज़र में बातिनी हुस्न की बड़ी क़दर है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस4 इसके बजाए इसकी फ़िकर करें कि आपकी बातिनी शख़्सियत आरास्ता हो। क्योंकि जो रूह नरमदिली और सुकून के लाफ़ानी ज़ेवरों से सजी हुई है वही अल्लाह के नज़दीक बेशक़ीमत है। Viz kapitola |