1 कुरि 2:4 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 और मेरी तक़रीर और मेरी मनादी में हिक्मत की लुभाने वाली बातें न थीं बल्कि वो रूह और क़ुदरत से साबित होती थीं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा4 मेरा पैग़ाम और मेरी मुनादी दोनों दानाई के पुर असर अल्फ़ाज़ से ख़ाली थे लेकिन उन से पाक रूह की क़ुव्वत साबित होती थी। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस4 और गुफ़्तगू और मुनादी करते हुए मैंने दुनियावी हिकमत के बड़े ज़ोरदार अलफ़ाज़ की मारिफ़त आपको क़ायल करने की कोशिश न की, बल्कि रूहुल-क़ुद्स और अल्लाह की क़ुदरत ने मेरी बातों की तसदीक़ की, Viz kapitola |