1 कुरि 14:26 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201926 पस ऐ भाइयों! क्या करना चाहिए? जब तुम जमा होते हो, तो हर एक के दिल में मज़्मूर या ता'लीम या मुक़ाशिफ़ा, या बेगाना, ज़बान या तर्जुमा होता है; सब कुछ रूहानी तरक़्क़ी के लिए होना चाहिए। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा26 ऐ भाईयो और बहनो! तुम्हें क्या करना चाहिये? जब तुम इबादत की ग़रज़ से जमा होते हो तो किसी का दिल चाहता है के गीत गाए, कोई तालीम देना चाहता है, कोई मुकाशफ़े की बात कहना चाहता है, कोई किसी बेगाना ज़बान में कलाम करना चाहता है, कोई उस का तरजुमा करना चाहता है, लाज़िम है के जो कुछ किया जाये जमाअत की तरक़्क़ी के लिये हो। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस26 भाइयो, फिर क्या होना चाहिए? जब आप जमा होते हैं तो हर एक के पास कोई गीत या तालीम या मुकाशफ़ा या ग़ैरज़बान या इसका तरजुमा हो। इन सबका मक़सद ख़ुदा की जमात की तामीरो-तरक़्क़ी हो। Viz kapitola |