1 कुरि 12:8 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20198 क्यूँकि एक को रूह के वसीले से हिक्मत का कलाम इनायत होता है और दूसरे को उसी रूह की मर्ज़ी के मुवाफ़िक़ इल्मियत का कलाम। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा8 किसी को पाक रूह की तरफ़ से हिक्मत का कलाम अता किया जाता है और किसी को उसी रूह के वसीले से इल्मीयत का कलाम, Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस8 एक को रूहुल-क़ुद्स हिकमत का कलाम अता करता है, दूसरे को वही रूह इल्मो-इरफ़ान का कलाम। Viz kapitola |