1 तवारीख़ 9:25 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201925 और उनके भाई जो अपने अपने गाँव में थे उनको सात सात दिन के बाद बारी — बारी उनके साथ रहने को आना पड़ता था। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस25 लावी के अकसर लोग यरूशलम में नहीं रहते थे बल्कि बारी बारी एक हफ़ते के लिए देहात से यरूशलम आते थे ताकि वहाँ अपनी ख़िदमत सरंजाम दें। Viz kapitola |