1 तवारीख़ 29:3 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 और चूँकि मुझे अपने ख़ुदा के घर की लौ लगी है और मेरे पास सोने और चाँदी का मेरा अपना ख़ज़ाना है, इसलिए मैं उसकी भी उन सब चीज़ों के 'अलावा जो मैंने उस मुक़द्दस हैकल के लिए तैयार की हैं, अपने ख़ुदा के घर के लिए देता हूँ। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस3 और चूँकि मुझमें अपने ख़ुदा का घर बनाने के लिए बोझ है इसलिए मैंने इन चीज़ों के अलावा अपने ज़ाती ख़ज़ानों से भी सोना और चाँदी दी है Viz kapitola |