1 तवारीख़ 28:2 - इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 तब दाऊद बादशाह अपने पाँव पर उठ खड़ा हुआ, और कहने लगा, ऐ मेरे भाइयों और मेरे लोगों, मेरी सुनो! मेरे दिल में तो था कि ख़ुदावन्द के 'अहद के सन्दूक़ के लिए आरामगाह, और अपने ख़ुदा के लिए पाँव की कुर्सी बनाऊँ, और मैंने उसके बनाने की तैयारी भी की; Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 दाऊद बादशाह उनके सामने खड़े होकर उनसे मुख़ातिब हुआ, “मेरे भाइयो और मेरी क़ौम, मेरी बात पर ध्यान दें! काफ़ी देर से मैं एक ऐसा मकान तामीर करना चाहता था जिसमें रब के अहद का संदूक़ मुस्तक़िल तौर पर रखा जा सके। आख़िर यह तो हमारे ख़ुदा की चौकी है। इस मक़सद से मैं तैयारियाँ करने लगा। Viz kapitola |