मत्ती 6:30 - Halbi30 ऐईकाजे जिदलदाय माहापुरू भाटा चो लाटा के, जोन आजी आसे आउर काली के भाटी ने जलाया जायदे, असन फटीई पिन्दाऊ आय, तो हे अल्पबिश्वासीमन, तुमके हुन ऐमन ले बडुन भाती केंव नी पिंदाये? Viz kapitolaपरमेस्वर को सच्चो वचन ख जाननू30 एकोलाने जब भी परमेस्वर म बररा कि घास ख जे आज हैं अर कल आगी म डाली जाहे, असो कपड़ा पहिना हैं, ते अरे कुछ दिन ख विस्वासी हुन, तुम का उ इत्ता बढ़ ख काहे नी पहिना हे? Viz kapitola |